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Uric Acid: यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बढ़ने से कौन-कौन सी दिकà¥à¤•तें हो सकती हैं? समà¤à¤¿à¤¯à¥‡ सब कà¥à¤›
यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठपà¥à¤¯à¥‚रिन के सेवन पर कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करना होगा। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ डाइट चारà¥à¤Ÿ को फॉलो करने से 100-150 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® तक पà¥à¤¯à¥‚रिन का सेवन कम कर सकते हैं।
खराब लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² और खान-पान की खराबी की वजह से यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (Uric Acid) का सà¥à¤¤à¤° लगातार बढ़ने लगता है। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का बढ़ना à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ परेशानी है जो डाइट में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का अधिक सेवन करने से बढ़ती है। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बढ़ने के लिठकई कारण जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है। बढ़ता वजन यानि मोटापा à¤à¥€ यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बढ़ने का कारण है। कà¥à¤› मामलों में ये परेशानी आनà¥à¤µà¤‚शिक होती है। जो लोग तनाव में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहते हैं à¤à¤¸à¥‡ लोगों के शरीर में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ इकटà¥à¤ ा हो सकता है।
खान-पान में सà¥à¤§à¤¾à¤° करके यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² किया जा सकता है। अगर इसे कंटà¥à¤°à¥‹à¤² नहीं किया जाठतो बॉडी में कई तरह की बीमारियां परेशान करने लगती है। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठयूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ डाइट चारà¥à¤Ÿ का पालन करना जरूरी है, साथ ही à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ à¤à¥€ करना जरूरी है। रेगà¥à¤²à¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से पाचन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ठीक रहती है।
यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठपà¥à¤¯à¥‚रिन के सेवन पर कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करना होगा। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ डाइट चारà¥à¤Ÿ को फॉलो करने से 100-150 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® तक पà¥à¤¯à¥‚रिन का सेवन कम कर सकते हैं। इस बीमारी की वजह से बॉडी में कई तरह की दिकà¥à¤•तें पैदा हो सकती हैं। आइठजानते हैं कि यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ने से बॉडी में कौन-कौन सी परेशानियां हो सकती हैं।
जोड़ों में दरà¥à¤¦ की हो सकती है शिकायत: बॉडी में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ने से जोड़ों में दरà¥à¤¦ की शिकायत हो सकती है। जोड़ों में दरà¥à¤¦ और सूजन को गाउट कहते हैं। ये परेशानी यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सà¥à¤¤à¤° सामानà¥à¤¯ रहने पर à¤à¥€ हो सकती है।
किडनी की परेशानी हो सकती है: बॉडी में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ने पर किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बढ़ने से यूरीन डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ करने में परेशानी होती है। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ हमारे शरीर में बà¥à¤²à¤¡ के माधà¥à¤¯à¤® से किडनी तक पहà¥à¤‚चता है और यूरिन के जरिये ये शरीर से बाहर निकल जाता है लेकिन जब किडनी इसे फिलà¥à¤Ÿà¤° नहीं कर पाती तो ये à¤à¤¸à¤¿à¤¡ शरीर में ही इकटà¥à¤ ा होने लगता है। इसके बढ़ने से किडनी पर दबाव पड़ता है और किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा होती है।
Arthritis: जोड़ों में दरà¥à¤¦ से हैं परेशान? यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ कम करने के लिठडाइट में शामिल करें ये फूडà¥à¤¸
हाथ-पैर की उंगलियों में सूजन होना: यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का बढ़ना à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ परेशानी है जिसकी वजह से उंगलियों में सूजन आ सकती है या फिर जोड़ों में गांठकी शिकायत हो सकती है।
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का खतरा बढ़ता है: अमेरिकन हारà¥à¤Ÿ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ की पतà¥à¤°à¤¿à¤•ा में छपी à¤à¤• खबर के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° खून में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने से हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का खतरा अधिक होता है। डाइट में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक का सेवन हाई बीपी का खतरा बढ़ा सकता है।
यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है: यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤²à¥à¤¸ यूरिन पाइप में जमा होने लगते हैं और किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ बनने लगते हैं। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ होने पर मरीज की पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ के दोनों ओर तेज दरà¥à¤¦, पेट दरà¥à¤¦ जो दूर नहीं होता, पेशाब में खून, उलटी या मितली होना, बà¥à¤–ार और ठंड लगना और यूरीन से बदबू आना जैसे लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देने लगते हैं।
हाथ-पैरों की उंगलियों में हो सकता है दरà¥à¤¦: हाई यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के मरीजों के हाथ और पैरों की उंगलियों में असहनीय दरà¥à¤¦ हो सकता है। ये दरà¥à¤¦ कई बार सà¥à¤ˆà¤¯à¥‹à¤‚ के चà¥à¤à¤¨à¥‡ की चà¥à¤à¤¨ à¤à¥€ दे सकता है।
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